गाँधीवाद की आधुनिक सार्थकता


हमारा देश और हमारी जनता प्राण-रक्षा की समस्या से व्याकुल हैं। हमारे देश का शासन सम्भाले लोगों का दावा है कि गाँधीवाद के आर्थिक, सामाजिक और राजनैतिक आदर्श ही हमारी समस्याओं को सुलझाकर समाज में सब लोगों के लिए विषमता रहित सुव्यवस्था स्थापित कर सकेंगे। दूसरे सिद्धान्तों या कार्यक्रम पर चलने से व्यक्तिगत और राष्ट्रीय रूप में हमारा सर्वनाश हो जायेगा। अपने वर्तमान और भविष्य का पूरा बोझ अपने शासक नेताओं पर ही न छोड़कर हम स्वयं भी इस विषय में कुछ सोच-विचार कर सकते हैं।

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